1. 'ट्रिपल एंटीजन' किन तीन रोगों से बचाता है ?
उत्तर - काली खासी, टिटनेस, डिप्थीरिया
2. किस तत्व के कमी के कारण मनुष्य एनीमिया से ग्रसित हो जाते हैं ।
उत्तर - आयरन
3. एटिनील किस लिए प्रयोग में लाया जाता है ?
उत्तर - रक्तचाप घटाने के लिए
4. पित्तरस का कार्य क्या है ?
उत्तर - वसा का एमल्सीकरण
5. 'सिड्स' क्या है ?
उत्तर - घातक मृत्यु रोग
6. ध्वनि की तीव्रता निर्धारित होती है ।
उत्तर - आयाम से
7. अंधो के पढ़ने की लिपि होती है ।
उत्तर - ब्रेल लिपि
8. प्राकृतिक वरण (Natural Selection) का सिद्धान्त किसने दिया ?
उत्तर - चार्ल्स डार्विन
9. रक्त परिवहन तन्त्र की व्याख्या किसने दी ?
उत्तर - हार्वे
10. फाउंटेन पेन का आविष्कारक कौन था ?
उत्तर - वॉटर मैन
11. एल्बो ज्वाइंट (Elbow Joint) किस प्रकार का ज्वाइंट है ?
उत्तर - हिंग ज्वाइंट (Hing Joint)
12. ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र क्या है ?
उत्तर - M
13. मूत्र का पीला रंग निम्न में से किसके कारण होता है ?
उत्तर - यूरोक्रोम के कारण
14. सोडियम कार्बोनेट का व्यापारिक नाम है ।
उत्तर - धोने का सोडा
15. जेनेटिक कोड की खोज किसने की ?
उत्तर - हरगोविंद खुराना
SSC UPSC IAS
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*🎯भारत-इजरायल स
(राजीव रंजन चतुर्वेदी)
भारत-इजरायल संबंधों की 25वीं सालगिरह मनाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार जुलाई से तीन दिवसीय इजरायल यात्र पर जा रहे हैं। हालांकि भारत ने 17 सितंबर, 1950 को इजरायल को सीमित मान्यता दी थी, लेकिन दोनों देशों के बीच पूर्ण कूटनीतिक संबंध स्थापित होने में 42 साल लग गए। 1992 में दोनों देशों के मध्य कूटनीतिक संबंध कायम तो हुआ, पर द्विपक्षीय रिश्तों में बहुत गर्मजोशी नहीं रही। इजरायल की यात्र पर जाने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। अपने तीन साल के कार्यकाल में मोदी सरकार ने न सिर्फ इजरायल के साथ संबंधों की पुरानी धारणा को बदलने पर ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि भारत-इजरायल संबंधों की वास्तविकताओं को भी तेजी से परिवर्तित किया है।
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असल में कांग्रेस सरकार इजरायल के साथ संबंधों को स्वीकार करने में संकोच करती रही और रिश्तों को हमेशा परदे के पीछे रखा। इसके विपरीत भाजपा ने हमेशा इजरायल की प्रशंसा की है।
असल में कांग्रेस सरकार इजरायल के साथ संबंधों को स्वीकार करने में संकोच करती रही और रिश्तों को हमेशा परदे के पीछे रखा। इसके विपरीत भाजपा ने हमेशा इजरायल की प्रशंसा की है। अक्टूबर 1991 में भाजपा सम्मेलन में पहली बार इजरायल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने की मांग की गई थी। 1978 में पहले इजरायली विदेश मंत्री भारत की यात्र पर आए थे जब अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री थे और पहले इजरायली प्रधानमंत्री 2003 में भारत आए थे जब वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री थे। भाजपा ने यही स्पष्ट किया कि भारत इजरायल से रिश्तों के बारे में संकोच नहीं करता। यह महज एक संयोग नहीं था कि जब दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क हुआ तब भाजपा सत्ता में थी। एक बार फिर मोदी के नेतृत्व में भाजपा भारत-इजरायल साझेदारी को पुनर्परिभाषित कर रही है।
मोदी के पहले इजरायल दौरे का लक्ष्य दो देशों के बीच बढ़ते संबंधों के लिए एक नई दिशा, गति और महत्व प्रदान करना है। दोनों दिशाओं में कई मंत्रिस्तरीय यात्रओं, संसदीय शिष्टमंडल और राष्ट्रपति के दौरे पहले ही हो चुके हैं। अब मोदी की यात्र से रिश्तों में और भी प्रगाढ़ता आएगी। घरेलू आर्थिक विकास और विकास संबंधी मुद्दे मोदी की विदेश नीति के मौलिक तत्व हैं। मोदी सरकार राज्य सरकारों को भारत के मित्र राष्ट्रों के साथ सहयोग को प्रोत्साहित कर रही है। ऐसे में इजरायल का भारत में ‘राज्य-केंद्रित’ दृष्टिकोण मोदी सरकार के विकास के एजेंडे से मेल खाता है। इस राज्य-केंद्रित दृष्टिकोण के चलते भारत-इजरायल संबंध ग्रामीण भारत तक पहुंच गए हैं और आम भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता में सुधारने में योगदान दे रहे हैं।
जमीनी स्तर पर इजरायल की सक्रियता भारत के सामाजिक-आर्थिक कल्याण में मदद कर रही है।1इजरायल कृषि अनुसंधान और कृषि की नई तकनीकों के खोज के क्षेत्र में अग्रणी है और इसलिए कृषि के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जा रहा है। इजरायल ने भारत के कई राज्यों में कृषि अनुसंधान केंद्र स्थापित किए हैं और पूरे भारत में कृषि उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। ये केंद्र किसानों को मुफ्त प्रशिक्षण दे रहे हैं जो इजरायल तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव का उपयोग करते हैं जिसमें ऊध्र्वाधर खेती, डिप (बूंद-बूंद) सिंचाई और मिट्टी सौरीकरण भी शामिल है।
इजरायल का मौजूदा ध्यान आम, अनार और खट्टे फलों पर है वहीं फूलों, मधुमक्खी पालन और दुग्ध उत्पाद के क्षेत्र में विस्तार करने की योजना है। कृषि प्रौद्योगिकी में भारत की जरूरतों को पूरा करने में इजरायल की उन्नत कृषि तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है।
*🎯इसी तरह*
📌जल प्रबंधन,
जल संचयन,
ग्रामीण स्वास्थ्य,
स्वच्छता,
स्टार्टअप और
कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग से भारत के विकास पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। रक्षा सहयोग दोनों देशों के बढ़ते संबंधों में एक बड़ी भूमिका अदा करता है। भारत के साथ लंबे समय तक नगण्य संबंधों के बावजूद 1947-48 के काश्मीर युद्ध के बाद लड़े गए सभी युद्धों में इजरायल ने भारत को सैन्य सहायता प्रदान की है। भारतीय हिचकिचाहट समाप्त होने से रक्षा संबंधों के वाणिज्यिक पहलू में तेजी आई है। इसमें इजरायल न केवल भरोसेमंद सहयोगी साबित हुआ है, बल्कि उसकी आधुनिक तकनीक और रक्षा अनुसंधान में सहयोग से कौशल उन्नयन की प्रक्रिया में भी तेजी आई है। इसी तरह अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अनुसंधान, साइबर सुरक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी सहयोग आगे बढ़ने के आसार हैं। संभवत: रक्षा के क्षेत्र में संस्थागत संयुक्त प्रशिक्षण और अभ्यास अगला कदम होगा।
मोदी सरकार एक खुले, संतुलित और समावेशी क्षेत्रीय सुरक्षा की रूप-रेखा को बढ़ावा देने के लिए त्रिपक्षीय ढांचे में कुछ देशों के साथ सहयोग कर रही है। इसके अंतर्गत प्रमुख राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर उच्चस्तरीय संवाद और परामर्श शामिल हैं। इस तरह की व्यवस्था से इन देशों के समान सुरक्षा हितों में सहयोग सुदृढ़ होगा, खासकर सीमा प्रबंधन, आतंकवाद, नए खोज,
संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण, खुफिया जानकारी साझाकरण, समुद्री डोमेन जागरूकता, आपदा राहत, खोज तथा बचाव और मानवीय सहायता के क्षेत्र में। भारत-इजरायल के बीच ऐसा सहयोग सिद्धांतों पर आधारित सुरक्षा नेटवर्क के उद्भव में भी योगदान देगा। प्रवासी भारतीयों के प्रति मोदी सरकार का प्यार जगजाहिर है। इजरायल में लगभग 85,000 भारतीय मूल के यहूदियों का घर है और लगभग 10,000 भारतीय नागरिक वहां काम करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पांच जुलाई को तेल अवीव कन्वेंशन सेंटर में एक समारोह में प्रवासी भारतीयों संबोधित करेंगे। यह न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि एक बहुत ही साहसिक राजनीतिक अभिव्यक्ति भी। भारतीय समुदाय से जुड़ने और प्रवासियों की ताकत से दोनों देशों केबीच संबंधों को और भी मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी की यात्र से ठीक पहले इजरायल कैबिनेट ने दो देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए कई तरह के उपायों को मंजूरी दी है जिसमें भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और इजरायल में बॉलीवुड फिल्मों के फिल्मांकन के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना शामिल है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारतीय प्रधानमंत्री को ‘मेरे दोस्त, नरेंद्र मोदी’ कह कर संबोधित करते हैं। जाहिर है मोदी की पहली इजराइल यात्र भारत-इजरायल संबंधों को आवश्यक गति देने के लिए तैयार है। (DJ)
(लेखक नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में रिसर्च एसोसिएट हैं)
Preview:
*🔵 #शिमला समझौता🔴*
3 जुलाई 1972 को भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद शिमला में एक संधि पर हस्ताक्षर हुए, जिसे शिमला समझौता कहा जाता है। इसमें भारत की तरफ से इंदिरा गांधी और पाकिस्तान की तरफ से जुल्फिकार अली भुट्टो शामिल थे। जुल्फिकार अली भुट्टो ने 20 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान के राष्ट्रपति का पदभार संभाला। उन्हें विरासत में एक टूटा हुआ पाकिस्तान मिला। सत्ता सभालते ही भुट्टो ने यह वादा किया कि वह शीघ्र ही बांग्लादेश को फिर से पाकिस्तान में शामिल करा लेंगे। पाकिस्तानी सेना के अनेक अधिकारियों को, देश की पराजय के लिए उत्तरदायी मान कर, बरखास्त कर दिया गया था। कई महीने तक चलने वाली राजनीतिक-स्तर की बातचीत के बाद जून, 1972 के अंत में शिमला में भारत-पाकिस्तान शिखर बैठक हुई। इंदिरा गाधी और जुल्फिकार भुट्टो ने, अपने उच्चस्तरीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ, उन सभी विषयों पर चर्चा की, जो 1971 के युद्ध से उत्पन्न हुए थे
साथ ही उन्होंने दोनों देशों के अन्य प्रश्नों पर भी बातचीत की। इनमें मुख विषय थे, युद्ध बंदियों की अदला-बदली, पाकिस्तान द्वारा बांग्लादेश को मान्यता का प्रश्न, भारत और पाकिस्तान के राजनयिक संबंधों को सामान्य बनाना, व्यापार फिर से शुरू करना और कश्मीर में नियंत्रण रेखा स्थापित करना। लंबी बातचीत के बाद भुट्टो इस बात के लिए सहमत हुए कि भारत-पाकिस्तान संबंधों को केवल द्विपक्षीय बातचीत से तय किया जाएगा। शिमला समझौते के अंत में एक समझौते पर इंदिरा गाधी और जुल्फिकार अली भुट्टो ने हस्ताक्षर किए।
*📕समझौते के मुख्य बिंदु🔴*
इसमें यह प्रावधान किया गया कि दोनों देश अपने संघर्ष और विवाद समाप्त करने का प्रयास करेंगे, और यह वचन दिया गया कि उप-महाद्वीप में स्थाई मित्रता के लिए कार्य किया जाएगा।
*📙सीधी बात करेंगे📕*
इन उद्देश्यों के लिए इंदिरा गाधी और भुट्टो ने यह तय किया कि दोनों देश सभी विवादों और समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सीधी बातचीत करेंगे और स्थिति में एकतरफा कार्यवाही करके कोई परिवर्तन नहीं करेंगे। वे एक दूसरे के विरुद्घ न तो बल प्रयोग करेंगे, न प्रादेशिक अखण्डता की अवेहलना करेंगे और न एक दूसरे की राजनीतिक स्वतंत्रता में कोई हस्तक्षेप करेंगे। दोनों ही सरकारें एक दूसरे देश के विरुद्घ प्रचार को रोकेंगी और समाचारों को प्रोत्साहन देंगी, जिनसे संबंधों में मित्रता का विकास हो। दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सभी संचार संबंध फिर से स्थापित किए जाएंगे।
*🔵आवागमन की सुविधाएं📕*
आवागमन की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी ताकि दोनों देशों के लोग असानी से आ-जा सकें और घनिष्ठ संबंध स्थापित कर सकें।
*⭕️व्यापार बढ़ाएंगे*
जहाँ तक संभव होगा व्यापार और आर्थिक सहयोग शीघ्र ही फिर से स्थापित किए जाएंगे।
*🔵सहयोग करेंगे*
विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में आपसी आदान-प्रदान को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
*⭕️नियंत्रण रेखा📌*
स्थाई शांति के हित में दोनों सरकारें इस बात के लिए सहमत हुई कि भारत और पाकिस्तान दोनों की सेनाएं अपने-अपने प्रदेशों में वापस चली जाएंगी। दोनों देशों ने 17 सितंबर, 1971 की युद्ध विराम रेखा को नियंत्रण रेखा के रूप में मान्यता दी और यह तय हुआ कि इस समझौते के बीस दिन के अंदर सेनाएं अपनी-अपनी सीमा से पीछे चली जाएंगी। यह तय किया गया कि भविष्य में दोनों सरकारों के अध्यक्ष मिलते रहेंगे और इस बीच अपने संबंध सामान्य बनाने के लिए दोनों देशों के अधिकारी बातचीत करते रहेंगे।
🔵🔵🔵🔵
महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी -
24 जून 2017 से 23 जुलाई 2017 तक आईसीसी महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन इंग्लैंड में किया जा रहा है. इस लेख में हम महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी दे रहे हैं, जिससे आप इस टूर्नामेंट से जुड़े आंकड़ों से भलीभांति परिचित हो जाएंगे.
1. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता को सर्वाधिक बार किस देश ने जीता है?
A. ऑस्ट्रेलिया
B. इंग्लैंड
C. न्यूजीलैंड
D. दक्षिण अफ्रीका
Ans. A
2. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. बेलिंडा क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)
B. चारलोट एडवर्ड्स (इंग्लैंड)
C. जेनेटी ब्रिटीन (इंग्लैंड)
D. डेबी होक्क्ले (न्यूजीलैंड)
Ans. D
3. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में सर्वाधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड किन दो खिलाड़ियों के नाम है?
A. चारलोट एडवर्ड्स (इंग्लैंड) और सूजी बेस्ट (न्यूजीलैंड)
B. चारलोट एडवर्ड्स (इंग्लैंड) और जेनेटी ब्रिटीन (इंग्लैंड)
C. सूजी बेस्ट (न्यूजीलैंड) और बेलिंडा क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)
D. सूजी बेस्ट (न्यूजीलैंड) और सारा टेलर (इंग्लैंड)
Ans. B
4. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में सर्वाधिक अर्द्धशतक लगाने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. डेबी होक्क्ले (न्यूजीलैंड)
B. मिताली राज (भारत)
C. सूजी बेस्ट (न्यूजीलैंड)
D. सारा टेलर (इंग्लैंड)
Ans. A
5. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में सर्वाधिक बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. डूडले स्कूफ (दक्षिण अफ्रीका)
B. लोपामुद्रा भट्टाचार्य (भारत)
C. सुजैन निल्सन (डेनमार्क)
D. अंजूम चोपड़ा (भारत)
Ans. C
6. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. पूर्णिमा राव (भारत)
B. क्लेरी टेलर (इंग्लैंड)
C. कैरोल हॉज (इंग्लैंड)
D. लिन फुल्लसटन (ऑस्ट्रेलिया)
Ans. D
7. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में सर्वाधिक कैच लेने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. झूलन गोस्वामी (भारत)
B. लाडिया ग्रीनवे (इंग्लैंड)
C. डेबी होक्क्ले (न्यूजीलैंड)
D. जेनेटी ब्रिटीन (इंग्लैंड)
Ans. D
8. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में सर्वाधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. जेनेटी ब्रिटीन (इंग्लैंड)
B. डेबी होक्क्ले (न्यूजीलैंड)
C. चारलोट एडवर्ड्स (इंग्लैंड)
D. बेलिंडा क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)
Ans. B
9. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में कप्तान के रूप में सर्वाधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. चारलोट एडवर्ड्स (इंग्लैंड)
B. मिताली राज (भारत)
C. अंजू जैन (भारत)
D. बेलिंडा क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)
Ans. D
10. महिला विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता में एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?
A. चमारी अट्टापट्टू (श्रीलंका)
B. मिग लेनिंग (ऑस्ट्रेलिया)
C. चारलोट एडवर्ड्स (इंग्लैंड)
D. बेलिंडा क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)
Ans. D
*⭕️1. स्विस बैंकों में धन: 🇮🇳भारत 88 वें नंबर; शीर्ष परयूके*
स्विस बैंकों में अपने नागरिकों द्वारा जमा मनी के मामले में भारत 88 वें स्थान पर आ गया है, जबकि ब्रिटेन शीर्ष पर है।
एसएनबी (स्विस नेशनल बैंक) द्वारा संकलित नवीनतम आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार 2016 के अंत तक स्विट्जरलैंड में बैंकों में आधिकारिक रूप से भारतीयों द्वारा जमा धन स्विस बैंकिंग प्रणाली के सभी विदेशी ग्राहकों द्वारा रखे गये कुल फंड का 0.04 प्रतिशत है।
✴️भारत 2015 में 75 वें स्थान पर और उससे पहले साल 61 वें स्थान पर था, हालांकि 2007 तक स्विस बैंकों में होल्डिंग्स के मामले में यह शीर्ष 50 देशों में शामिल था।
🔆वर्ष 2004 में देश 37 वें स्थान पर था।
2.⭕️⭕️⭕️ *भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण फंड को500,000 डॉलर का योगदान*
भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण कोष में 5,00,000 डॉलर का योगदान दिया है, यह आशा व्यक्त करते हुए कि राष्ट्रों द्वारा अधिक धन देने से शांति बनाए रखने के लिए विश्व संगठन के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।
दिसंबर 2005 में इसकी स्थापना के बाद से भारत शांति निर्माण कमीशन का सदस्य रहा है और अब तक शांति निर्माण फंड में कुल 5 मिलियन डॉलर का योगदान दिया है।
3.🔆🔆✴️✴️⭕️ *राष्ट्रीय जैवफार्मा मिशन का शुभारंभ*
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने देश में बायोफार्मास्युटिकल विकास को गति देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय जैवफार्मा मिशन का शुभारंभ किया है।
कार्यक्रम का नाम इनोवेट इन इंडिया (i3) है जिसमे 250 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश होगा जिसमे से विश्व बैंक 125 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश करेगा।
इससे, इस क्षेत्र में उद्यमशीलता और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की उम्मीद है।
4.⭕️⭕️⭕️✴️ *झारखंड के मुख्यमंत्री ने भारत के सबसे बड़ेताजे पानी के मछलीघर का उद्घाटन किया*
भारत के सबसे बड़े ताजे पानी के मछलीघर रांची मछलीघर का झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास द्वारा शहर से 12 किलोमीटर दूर बिरसा मुंडा जूलॉजिकल पार्क में जनता के लिए अनावरण किया गया।
एक्वैरियम में 58 तकनीकी रूप से योजनाबद्ध टैंक स्थापित किए गए हैं ताकि मछलियों की 120 प्रजातियों के लिए परिवेश वातावरण प्रदान किया जा सके।
*✴️5. राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस: 1 जुलाई*
भारत में डॉक्टर दिवस 1991 में भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था और इसे हर वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के रूप में मनाया जाता है।
यह 1 जुलाई को भारत के सबसे प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ बिधान चंद्र रॉय (डा बी सी रॉय) के जन्म और पुण्यतिथि पर मनाया जाता है।
4 फरवरी 1961 को सर्वौत्तम भारतीय नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से उन्हें सम्मानित किया गया।
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6.✴️✴️✴️⭕️ *जीएसटी के तहत सरकार ने उर्वरकों पर करकी दर मौजूदा 12% से 5% की*
केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री अनंत कुमार ने उर्वरक क्षेत्र के संबंध में 30 जून 2017 को आयोजित जीएसटी परिषद की 18 वीं बैठक के परिणाम पर मीडिया को जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि यह तय किया गया कि उर्वरकों की जीएसटी दर को मौजूदा 12% से कम करके 5% करने का निर्णय लिया गया।
यह निर्णय मुख्य रूप से किसानों के हित में लिया गया है।