तब अंकल ने बाहर की तरफ
इशारा किया और कहा-
वो देखो बाहर एक
लड़की अकेली खड़ी है।
उनके सारे दोस्त आँखें फाड़–
फाड़ कर
ऐसे देखे जा रहे थे मानो आज तक
कभी इतनी सुंदर
लड़की नहीं देखी हो।
अचानक अंकल की आवाज ने
दोस्तों के
ध्यान को तोड़ा, अंकल ने कहा-
इतनी रात को यह
लड़की यहाँ क्या कर रही है?
रुको, मैं
पूछ कर आता हूँ।
तब उनके एक दोस्त ने कहा-
नहीं यार मत जा, इतनी सुनसान
जगह पर यह
लड़की अकेली यहाँ है, मुझे
कुछ ठीक नहीं लग रहा है। पहले
तो अंकल कुछ गंभीर हुए, फिर
अचानक
हंसते हुए कहने लगे- तुम
को क्या लगता है, यह कोई भूत
है?
उसने कहा- हो सकता है।
इस पर अंकल उसको डाँटने लगे
कि इतने पढ़े लिखे होने के
बावजूद
भी तुम ये सब बातें करते हो।
फिर गाड़ी से उतर कर अंकल उसके
पास गए और पूछा- कोई
परेशानी है
क्या? ऐसे क्यों यहाँ खड़ी हो?
लेकिन वो कुछ नहीं बोली और बस
चुपचाप चलती जा रही थी।
जब अंकल ने दो-चार बार पूछा तब
उसने कहा- मेरे परिवार वाले
मुझे
यहाँ सुनसान सड़क पर छोड़ कर
चले
गए हैं।
यह बात अंकल को थोड़ी अजीब
लगी लेकिन उन्होंने उससे कुछ
पूछा नहीं।
फिर लड़की ने उनसे कहा-
क्या आप
मुझे मेरे घर तक छोड़ देंगे?
अंकल ने कहा- क्यों नहीं !
फिर वो लड़की उनकी गाड़ी में
आकर
बैठ गई, उसके बैठते
ही पूरी गाड़ी में
एक अजीब सी खुशबू फैल गई जिससे
सब
मंत्र-मुग्ध हो गए। बीच
रास्ते में
अचानक उस लड़की ने कहा- बस,
मुझे
यहीं उतार दीजिए, मेरा घर आ
गया है।
* ek ruh se prem part-2 *
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nice story friend next part here
[topic=3256457]*ek ruh se prem last part *[/topic]
please when you post topic keep whole in one topic ... if more character then keep them in form of comments