50 साल पहले--
हिन्दू:-यह पंडितो और ब्रह्मणो का मंदिर है यहाँ किसी शूद्र के कदम नहीं पड़ने चाहिए...!!!
मुसलमान:-मस्जिद अल्लाह का घर है,मस्जिद सबके लिए हैं यहां हर कोई नमाज़ पढ़ सकता है...!!!
50 साल बाद अब--
हिन्दू:-यह हिन्दुओ का मन्दिर है यहां सब पूजा कर सकते हैं...!!!
मुसलमान:-यह हमारे फिरके की मस्जिद है,यहाँ दूसरे फिरके के काफिरो की कोई जगह नहीं है...!!!