भारत माँ मांगे सहारा
उठ जा हिन्द तुझे है पुकारा
कब तक निकालेगा झांकिया
अब करना होगा कुछ तो दोबारा
बातों से न होगा गुजारा
उन शहीदों को फिर याद कर
जिन्होंने आजादी को खून से सवारा
अलख जगा फिर इंक़लाब की
गद्दारों ने है पैर पसारा
रुक न जब तक हर ज़र्रा कहे हमारा
झंडा ऊँचा रहे हमारा
जय हिन्द। वन्दे मातरम्।