खुद को जो बाबर की संतान बताते फिरते है
गोरी,गजनी,खिलजी
की औलाद बताते रहते है
खुद को इस्लाम का सच्चा अनुयायी समझे बैठे है
पुरखो की लाचारी को ये गले लगाये बैठे है
इतिहास जी पन्नो को दोहराना बहुत
जरुरी है
इस कायरता से अब पर्दा उठाना बहुत
जरुरी है--------
इनके पूर्वज भी अपने पुरखो के जैसे हिन्दू थे
राम ,कृष्ण और शिव को पूजने वाले हिन्दू थे
पर इस्लामी सैतानो से डर कुछ अपना धर्म गवा बैठे
कुछ कायरता की बशीभूत
हो अपना शीश झुक बैठे
कुछ ने जीने की मजबूरी में
धर्म बदल डाला होगा
कुछ ने चन्द अशर्फी में इमान बेच डाला होगा .
कुछ दीपक ऐसे भी थे
जो आंधी में भी जले रहे .
इस्लामी तूफानो से
भी जो सीना ताने खड़े रहे.
लाख उठाई तकलीफे पर इमान नहीं डिगने
दिया.
शीश कटा डाले अपने, पर धर्म नहीं बिकने
दिया .
via - भारत vs India (Facebook)