पर अंकल को कोई घर नहीं दिख
रहा था। जब तक वो कुछ पूछते,
तब तक तो वो जा चुकी थी।
फिर अंकल ने
भी गाड़ी स्टार्ट की और
वहाँ से चले गए।
घर पहुँच कर सब अपने अपने
जीवन में व्यस्त हो गए, लेकिन
अंकल
उसका चेहरा नहीं भुला पा रहे
थे. उन्हें उस लड़की के
प्रति प्रेम का अहसास होने
लगा था।
धीरे-धीरे वक्त बीतता गया,
फिर अचानक एक दिन अंकल उस
लड़की को अपने घर के पास
देखकर चौंक गए। उसे अपनी तरफ
आता देख वो समझ गए कि वो उनसे
ही मिलने आ रही है।
पता नहीं क्यों उसको देखते
ही उनकी सोचने समझने
की शक्ति चली जाती थी और वह
बस उसे देखते ही रहते थे।
उससे मिलने का सिलसिला बहुत
दिन तक चलता रहा।
फिर एक दिन जब वो सुबह-सुबह
पेपर पढ़ रहे थे तब अचानक
उनकी नजर उस पेज पर पड़ी जिस
पर उस लड़की की फोटो छपी थी,
जिससे वो लगातार कई दिनों से
मिल रहे थे।
लेकिन जब उस फोटो के नीचे
लिखे लाइनों को उन्होंने
पढ़ा तो वो चौंक गए, उसमें
उसके मृत्यु दिवस पर उसे
श्रद्धांजलि दी गई थी। उस
दिन के बाद से आज तक वो फिर
उनसे नहीं मिली। इस बात को एक
लंबा समय गुजर गया है लेकिन
अंकल आज भी यह नहीं समझ
पा रहे कि क्या वह एक
आत्मा से प्यार करने लगे थे?