ava Frank09: Kimber, i love ur words
ava Kimber: If you don't give your man what he wants, another lady will do it for you. They may be lusters but very loyal.
ava Templemow: Can you prove it
ava
मरने से पहले इंसान के दिमाग में क्या चल रहा होता है या फिर वह क्या महसूस करता है, वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाने के लिए न जाने कितने शोध और प्रयोग किए हैं। लेकिन सही जानकारी किसी को नहीं मिली।

दरअसल, वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अलग-अलग तरीके से किए जाने वाले हमले के दौरान हमारे शरीर में किस तरह के बदलाव होते हैं। यानिकी चीख सुनने पर हम सतर्क क्यों हो जाते हैं और जिन लोगों को अपने ऊपर हमला होने का भय लगातार सताता है, उनकी चिंता कम करने का क्या कोई उपाय है?

अमरीकी केमिकल सोसाइटी ने इस सिलसिले में एक वीडियो जारी कर यह बताने की कोशिश की है कि किसी तरह के जानलेवा खतरे पर दिमाग के सतर्क हो जाने, इससे बचने की कोशिश करने, इस दौरान शारीरिक और मनोवैज्ञानिक बदलाव को तो समझा जा सकता है। लेकिन अगर तेज हथियार, मसलन कुल्हाड़ी से हत्या करने की कोशिश करने वाला हाथ पकड़ लेता है, तब क्या होता है?

अचानक ऐसा होने पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं होती हैं। आमतौर पर दिमाग सुन्न हो जाता है क्योंकि दिमाग के अलग-अलग हिस्से एक साथ सक्रिय हो जाते हैं। अगर हमलावर पकड़ लेता है तो गहरा दर्द होने लगता है। इस दौरान दिल की धड़कनें तेज होने के साथ ही दिमाग का वह हिस्सा तुरत सक्रिय हो जाता है जो हमें अलर्ट करता है। उस दौरान बचाव के लिए शरीर की हर तरह की ऊर्जा एक साथ कोशिश करती है।

ऐसी हालत में निकलने वाली चीख दूसरों के कान में पड़ते ही दिमाग में उस तरह नहीं जाती जिस तरह सामान्य बातचीत की आवाज जाती है। वह दिमाग के एक खास हिस्से में जाती है जिसे ऐमिग्डाल या प्रमस्तिष्कखंड कहते हैं। इसे दिमाग का इमर्जेन्सी वाला हिस्सा कह सकते हैं। अगर हत्या हो जाती है, तब भी दिमाग काम करना तुरत बंद नहीं करता है। गंभीर ब्रेन इंज्योरी न होने पर किसी की क्लीनिकली तो मौत हो जाती है लेकिन उसका दिमाग काम करता रहता है।
(01:31) Fri, 30 Oct 15
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(15:28) Mon, 2 Nov 15